होली की एक उत्सव जो खुशी, और रंगों का प्रतीक है। यह मिठाईयों से सजाया जाता है, और लोग एक-दूसरे को तिलक लगाते हैं, खेल खेलते हैं। लेकिन कुछ लोग यह त्योहार मनाने में संकोच करते हैं।
- बहुत से लोग मानते हैं कि होली को रंगो से सजाकर मनाना अशुभ है।
- यह विचार कि होली का जश्न मनाने में कोई अर्थ नहीं है।
- कुछ लोग होली का त्योहार मनाने में अपनी आस्था को व्यक्त करते हैं।
यह देखकर यह कहना चुनौतीपूर्ण है कि होली का जश्न मनाने का तरीका हर जगह अलग-अलग होता है।
वरनसी की मकबरे में रंग
पर्व के मौके पर बनारस शहर की मकबरे सजाकर अद्भुत दिखते हैं। पेंटिंग से सजे ये मकबरे प्राचीन इतिहास को दर्शाते हैं। आगंतुकों का यहाँ जमना होता है और वे हवा में ये मकबरे देखकर आनंदित होते हैं।
श्मशान घाट का त्यौहार
मकबरे की होली एक ऐसा अनोखा उत्सव है जहाँ धार्मिक मान्यताओं का सुंदर संगम होता है। यह दिन, जो श्रद्धा से भरपूर है, हमें जीवन और मृत्यु के चक्र को समझने में मदद करता है। अनगिनत रीति-रिवाजों का पालन करते हुए हम इस दिन आशीर्वाद देते हैं और अपने परिवार को याद करते हैं।
मृतकों की होली : श्रद्धा और समृद्धि का आभास
यह एक विचित्र परंपरा है, जहां मृतकों को याद किया जाता है और उनके लिए अनूठी प्रार्थनाएं की जाती हैं. यह होली न केवल एक दिन शोक व्यक्त करना है, बल्कि एक ऐसा समय भी है जहां आध्यात्मिकताका आभास होता है.
यह दिन हमें याद दिलाता है कि जीवन अस्थायी है और हमें अपने प्रियजनों को संजोना चाहिए.
होली का ये पर्व मृत्यु से अधिक महत्वपूर्ण है
यह पुरातन फेस्टिवल हमारे जीवन में जीवंत ऊर्जा भरता है। हर कोई|
युवा और वृद्ध एक-दूसरे को गुलाब जल से प्रीतपूर्वक लिखते हैं|
यह उत्सव हमें परिवार के साथ आनंद का अवसर देता है।
मसान पर डाले गए रंगों में नया जीवन
मिट्टी की भूरी छटा पर चित्रित संकेत, यहाँ मौन सागर का अनंत विजय है। यह खेलसाहसिक कार्य read more रंगों का, एक ऐसा अस्तित्व जो मृतकों को भी आह्वान करता है ।
लाल| पीला और हरा का मेल, एक ऐसा चित्र जो भावनाओं को उजागर करता है.
यह रंगों का नगर, जहाँ हर लाइन एक शब्द सुनाती है। यहाँ मौन| यहाँ जीवन की सौन्दर्य.